ज्वार-शक्ति द्ववारा CO2 उत्सर्जन से निपटना
दुनिया ने सौ वर्षों से अधिक समय से ऊर्जा के मुख्य स्रोत के रूप में जीवाश्म ईंधन पर भरोसा किया है। आज ज्वार तेल में तब्दील हो रहा है और गैस के भंडार कम होते जा रहे हैं, आपूर्ति अनिश्चित हैं, और लंबी अवधि में क़ीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
चूँकि विकासशील देशों में ऊर्जा की मांग बढ़ रही है, और जलवायु परिवर्तन पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है (और दुनिया भर की सरकारें क्योटो प्रोटोकॉल के हिस्से के रूप में उत्सर्जन सीमा को कम करने के लिए सहमत हो रही हैं), अतः ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए नए ऊर्जा स्रोत ढूँढ़ने आवश्यक हैं ।
ज्वार-शक्ति एक आकर्षक विकल्प है। यह एक अक्षय स्रोत है, जिसका निर्माण चन्द्रमा और सूर्य के गुरुत्वीय आकर्षण द्वारा महासागर धाराओं में निर्मित ऊर्जा के दोहन द्वारा किया गया है। सौर और पवन से भिन्न, ज्वार-शक्ति गारंटीकृत है, इसका पूर्वानुमान किया सकता है और यह मौसम की विशिष्ट स्थिति पर निर्भर नहीं है।
ज्वार-शक्ति उन पर्यावरणविदों के लिए चिंता अवश्य बढ़ाती है, जो यह सुझाव देते हैं कि बड़े ज्वार धाराओं को परिवर्तित कर सकते हैं, तथा प्रवाहों और तटवर्ती आवासों को गाद सकते हैं। तथापि, नई प्रौद्योगिकी के विकास द्वारा इन मुद्दों पर काबू पाया जा रहा है, क्योंकि बड़े संस्थापनों को छोटी ज्वारीय धारा टर्बाइनों से बदला जा रहा है (60 फ़ुट ऊँची) जिसमें पानी उनके बीच से और आसपास प्रवाहित हो सकता है और फिर भी महत्वपूर्ण विद्युत उत्पादन हो रहा है।
जबकि यूके में देश की विद्युत का कम-से-कम 10 प्रतिशत उत्पादन ज्वार-शक्ति के माध्यम से करने की क्षमता है (स्रोत: स्थायी विकास आयोग), यह यहाँ स्थित कंपनियों के लिए विश्वव्यापी प्रवाह के दोहन करने का अवसर प्रदान करता है।
इस विकास द्वारा पहले से ही लाभांवित होने वाली कंपनियों में यॉर्कशायर और हंबर में स्थित लूनर एनर्जी शामिल है। यूरोप की अग्रणी ज्वारीय विद्युत कंपनियों में से एक के रूप में, उन्होंने हाल ही में कोरियाई मिडलैंड पॉवर कंपनी के साथ दक्षिण कोरिया के तट पर विशाल 300-टरबाइन क्षेत्र बनाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। संभावना है कि इसकी स्थापना 2015 तक 200,000 घरों को बिजली प्रदान करेगी।
यह कंपनी वेल्श के तट पर विश्व के सबसे बड़े ज्वार-शक्ति विद्युत स्टेशनों में से एक का निर्माण करने के प्रस्ताव पर प्रमुख ऊर्जा कंपनी E.ON UK के साथ भी काम कर रही है। करोड़ों पाउंड की यह योजना इतनी बिजली पैदा करने में सक्षम होगी कि 5,000 घरों में बिजली दे सके।
यॉर्कशायर और हंबर क्षेत्र उन्नत इंजीनियरिंग और सामग्री में स्थापित विरासत के साथ इस क्षेत्र में विशेषज्ञता का मिश्रण कर ज्वारीय विद्युत और संबंधित प्रौद्योगिकी के विकास को संचालित करने के लिए एकदम उपयुक्त स्थान पर है। अच्छी बुनियादी सुविधाएँ भी प्रमुख हैं, जहाँ इस क्षेत्र के बंदरगाह कच्चे माल की ढुलाई के लिए सर्वथा उपयुक्त माध्यम और स्वयं टर्बाइन उपलब्ध कराते हैं।
यह क्षेत्र पर्यावरण ऊर्जा प्रौद्योगिकी केन्द्र (EETC) का भी घर है। उन्नत विनिर्माण पार्क (AMP) में स्थित, यह केंद्र ज्वारीय विद्युत सहित अक्षय ऊर्जा का विकास संचालित करने के लिए मौजूदा अत्याधुनिक विनिर्माण तकनीकों का लाभ उठाता है।
अक्षय ऊर्जा मिश्रण के भाग के रूप में ज्वारीय विद्युत, लगातार बढ़ती ऊर्जा संबंधी चिंताओं और नए कानून का पालन करने के लिए हरित ऊर्जा स्रोतों का प्रयोग करने की आवश्यकता हेतु व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करती है। जबकि पर्यावरण प्रौद्योगिकी क्षेत्र का बाजार प्रति वर्ष £400 अरब तक पहुँच रहा है, इस क्षेत्र में व्यवसायों को इस खर्च का दोहन करने के लिए यॉर्कशायर अनुपम लाभ प्रदान करता है।